सामुदायिक भवन पुलिस लाइन झाबुआ में जिला स्तरीय ग्राम एवं नगर सुरक्षा समिति सम्मेलन आयोजित
पुलिस अधीक्षक झाबुआ श्री देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन में जिले में पुलिस एवं जनता के मध्य सहयोग एवं समन्वय को सुदृढ़ बनाने तथा ग्राम एवं नगर सुरक्षा समितियों को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से निरंतर संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज दिनांक 31 मई 2026 को सामुदायिक भवन, पुलिस लाइन झाबुआ में जिला स्तरीय ग्राम एवं नगर सुरक्षा समिति सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जिले के समस्त थाना क्षेत्रों से ग्राम एवं नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक श्री देवेंद्र पाटीदार ने कहा कि ग्राम एवं नगर सुरक्षा समिति के सदस्य पुलिस की “आंख और कान” के रूप में कार्य करते हैं। वे जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराकर कानून व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ के दृष्टिगत ग्राम एवं नगर सुरक्षा समितियों को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने पर बल दिया।
उन्होंने बताया कि झाबुआ जिला सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान राजस्थान, गुजरात एवं महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख प्रवेश द्वार होगा। ऐसे में समिति सदस्यों, पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों को भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, दुर्घटना सहायता, आगजनी, भगदड़ एवं अन्य आपात परिस्थितियों से निपटने हेतु प्रशिक्षित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने सभी सदस्यों से सेवा भाव के साथ सिंहस्थ आयोजन में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
पुलिस अधीक्षक महोदय ने ग्राम एवं नगर सुरक्षा समिति की सदस्यता संबंधी योग्यताओं की जानकारी देते हुए बताया कि समिति का सदस्य बनने के लिए व्यक्ति का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए तथा उसकी आयु 18 से 45 वर्ष के मध्य होना आवश्यक है। उन्होंने डायल-112, साइबर हेल्पलाइन 1930 तथा आपातकालीन सेवा 108 की जानकारी भी दी तथा कहा कि जागरूक नागरिक ही आपात परिस्थितियों में त्वरित एवं उचित निर्णय लेकर समाज की सहायता कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यंहा हम जो भी सीखे वह अपने साथियों व परिजनों को अवश्य बताए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रतिपाल सिंह महोबिया ने कहा कि सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान अत्यधिक संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है, जिसकी सफल व्यवस्था हेतु पुलिस बल एवं ग्राम-नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा। उन्होंने समितियों की सदस्य संख्या बढ़ाने, महिला सदस्यों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने तथा विभिन्न स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण प्रदान करने पर बल दिया।
एसडीओपी झाबुआ श्री कमलेश शर्मा ने साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों एवं उनसे बचाव के उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने फर्जी लिंक, रिमोट एक्सेस एप्लीकेशन, फर्जी निवेश योजनाओं, साइबर ठगी, म्यूल अकाउंट, दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (Two-Step Authentication), सुरक्षित पासवर्ड एवं साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने नागरिकों से किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की।
साथ ही उन्होंने बताया की संचार सारथी टफ काफ जैसे पोर्टल के माध्यम से हम यह जान सकते है कि हमारे आधार कार्ड से कितने सिम लिंक है साथ ही उन्हें बंद कराने के लिए भी अनुरोध कर सकते है।
कार्यक्रम में एसडीओपी पेटलावद सुश्री अनुरक्ति सबनानी ने महिला सुरक्षा एवं महिला अपराधों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं के प्रति भेदभाव, लैंगिक असमानता, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, बाल विवाह निषेध अधिनियम, पॉक्सो एक्ट, पॉश एक्ट, विशाखा गाइडलाइन, महिला ऊर्जा डेस्क, मुस्कान अभियान, सृजन कार्यक्रम एवं अभिमन्यु अभियान के संबंध में जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि महिला अपराधों के प्रति जागरूकता का अभाव एवं सामाजिक मानसिकता भी अपराधों का एक प्रमुख कारण है, जिसे सामूहिक प्रयासों से बदलने की आवश्यकता है।
सूबेदार श्री बिजेंद्र मुजाल्दा ने सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान कानून व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात एवं पार्किंग प्रबंधन, वृद्धजनों एवं बच्चों की सहायता तथा स्थानीय मार्गदर्शन में ग्राम एवं नगर सुरक्षा समिति की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी।
सूबेदार श्री धर्मेंद्र पटेल ने सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटना रोकथाम विषय पर मार्गदर्शन देते हुए तेज गति, शराब पीकर वाहन चलाने एवं वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं में “गोल्डन ऑवर” के महत्व तथा विभिन्न राहत एवं पुरस्कार योजनाओं जैसे राहवीर योजना एवं पीएम राहत योजना की जानकारी भी दी।
प्लाटून कमांडर श्री संतोष डिंडोर ने आपदा प्रबंधन, आगजनी, बाढ़ एवं अन्य आपात स्थितियों से निपटने के उपायों पर प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने विभिन्न प्रकार की आग पर नियंत्रण के लिए पानी, रेत, मिट्टी एवं फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग की जानकारी दी तथा दामिनी ऐप एवं मौसम संबंधी एप्लीकेशनों के उपयोग के बारे में भी बताया।
कार्यक्रम में रक्षा सखी टीम प्रभारी उप निरीक्षक अनीता तोमर ने हेलमेट के प्रयोग एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया साथ ही उन्होंने पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को पुनः स्कूल भेजने के लिए आव्हान किया।
कार्यक्रम के दौरान आरक्षक मनीष खतेडिया द्वारा डम्मी बॉडी के माध्यम से आपात स्थिति में CPR देने की सही प्रक्रिया बताकर ग्राम नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों को प्रशिक्षित किया।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व में बेहतर एवं प्रशंसनीय कार्य करने वाले ग्राम नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में ग्राम एवं नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों को टी-शर्ट, केन, व्हिसल एवं अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। सम्मेलन का उद्देश्य समिति सदस्यों को अधिक जागरूक, प्रशिक्षित एवं संगठित बनाकर आगामी सिंहस्थ महाकुंभ सहित विभिन्न सामाजिक एवं सुरक्षा संबंधी गतिविधियों में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना रहा।
सम्मेलन के दौरान पुलिस अधीक्षक झाबुआ श्री देवेंद्र पाटीदार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक झाबुआ श्री प्रतिपाल सिंह महोबिया, एसडीओपी झाबुआ श्री कमलेश शर्मा, एसडीओपी थांदला श्री राजेश सूलिया, एसडीओपी पेटलावद सुश्री अनुरक्ति सबनानी, रक्षित निरीक्षक श्री अखिलेश राय, समस्त थाना प्रभारी, सूबेदार श्री विजेंद्र मुजाल्दा, सूबेदार श्री धर्मेंद्र पटेल, प्लाटून कमांडर श्री संतोष डिंडोर, रक्षा सखी टीम प्रभारी उप निरीक्षक अनीता तोमर, ग्राम रक्षा समिति के सदस्य, पत्रकार बंधु एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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