
झाबुआ पुलिस का बड़ा खुलासा : बामनिया में मिली अज्ञात लाश की गुत्थी सुलझी
अवैध संबंधों के चलते पत्नी ने ही प्रेमी के साथ मिलकर रची थी पति की हत्या की साजिश।
मुख्य बिंदु:-
- शराब में जहर मिलाकर पिलाया व गला घोंटकर उतारा मौत के घाट।
- अंधे कत्ल के मामले में मृतक की पत्नी और प्रेमी सहित 3 आरोपी गिरफ्तार।
- वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और सामग्री पुलिस ने की जब्त।
घटना का विवरण–
गत 11 जून 2026 को थाना पेटलावद के अंतर्गत ग्राम बामनिया के बिजनीपाड़ा कच्चे मार्ग और रेलवे ट्रैक के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पेटलावद एवं चौकी प्रभारी बामनिया ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध पाए जाने पर मर्ग क्रमांक 40/2026 (धारा 194 बीएनएसएस) दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल झाबुआ भेजा गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और पहचान:-
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक झाबुआ श्री देवेन्द्र पाटीदार द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर घटना का जल्द खुलासा करने हेतु निर्देशित किया, जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रतिपाल सिंह महोबिया तथा एसडीओपी पेटलावद सुश्री अनुरक्ति साबनानी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पेटलावद निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सोशल मीडिया के व्यापक उपयोग से 12 जून 2026 को मृतक की पहचान बहादूर भूरिया (36 वर्ष) निवासी ग्राम सेमलिया के रूप में की।
इस तरह खुला हत्या का सनसनीखेज षड्यंत्र:
भौतिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस ने संदेही गलिया निनामा को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में जो सच सामने आया वह चौंकाने वाला था:
- अवैध संबंध और विवाद: मृतक बहादूर की पत्नी समिता उर्फ सुमित्रा के आरोपी गलिया निनामा से अवैध संबंध थे। इस बात को लेकर पति-पत्नी में अक्सर विवाद होता था। चार महीने पहले समिता अपने मायके ग्राम देवला चली गई थी, जहाँ वह लगातार प्रेमी गलिया के संपर्क में थी।
- हत्या की साजिश: दोनों ने बहादूर को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। समिता ने अपने परिचित कमरू वसुनिया (निवासी रतलाम) के माध्यम से अनाज में रखने वाली जहरीली गोलियां मंगवाईं।
- वारदात को अंजाम: 09 जून 2026 को आरोपी गलिया निनामा ने विश्वास में लेकर बहादूर को फोन कर बामनिया बुलाया। वहाँ सुनसान जगह पर ले जाकर उसे शराब में जहर मिलाकर पिलाया व आरोपी गलिया ने बहादूर के ही गमछे (मफलर) से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव को रेलवे ट्रैक के पास फेंककर फरार हो गया।
साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 277/2026 (धारा 103(1) बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम:
- गलिया पिता लालजी निनामा (निवासी कुण्डाल) – मुख्य आरोपी व प्रेमी
- समिता उर्फ सुमित्रा – मृतक की पत्नी व मुख्य साजिशकर्ता
- कमरू पिता प्रभु वसुनिया (26 वर्ष) (निवासी धोंसवास, थाना नामली, जिला रतलाम) – जहर उपलब्ध कराने वाला सहयोगी
जब्ती: पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को बरामद कर अपनी कस्टडी में ले लिया है।
सराहनीय भूमिका एवं पुरस्कार की घोषणा:-
इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में पेटलावद थाना प्रभारी निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया, उप निरीक्षक हीरालाल मालीवाड, प्रधान आरक्षक सोमसिंह, आरक्षक राकेश डामर, अमरसिंह मालीवाड, मनीष चारेल, लालसिंह मुजाल्दे, अनिल अमलियार तथा जिला साइबर सेल टीम की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।
पुलिस अधीक्षक झाबुआ द्वारा इस त्वरित और सफल खुलासे के लिए पूरी पुलिस टीम को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस की इस कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की है।





