प्रेस नोट
झाबुआ पुलिस
दिनांक : 28 जुलाई 2026
‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक श्री देवेंद्र पाटीदार व्दारा श्री बाफना फायबर्स मेघनगर में नशे के विरूध्द जागरूक किया गया।

अंतर्विभागीय समन्वय के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, शिक्षा विभाग एवं अन्य विभागों के सहयोग से अस्पतालों, विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

जिलेभर में 23 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, लगभग 2730 नागरिक हुए शामिल, नशामुक्त समाज निर्माण का लिया संकल्प

मध्यप्रदेश शासन एवं पुलिस मुख्यालय के निर्देशन में संचालित “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के अंतर्गत झाबुआ पुलिस द्वारा जिलेभर में नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियाँ निरंतर संचालित की जा रही हैं। पुलिस अधीक्षक झाबुआ श्री देवेंद्र पाटीदार के नेतृत्व में संचालित इस अभियान के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों एवं आमजन को ड्रग्स, ब्राउन शुगर, अफीम, गांजा, नशीली दवाइयों एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। साथ ही जनसहभागिता के माध्यम से जिले को नशामुक्त बनाने का संदेश प्रभावी रूप से जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है।

इसी क्रम में आज श्री बाफना फायबर्स मेघनगर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री देवेंद्र पाटीदार ने उपस्थित नागरिकों एवं युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ड्रग्स एवं अन्य मादक पदार्थ हमारी युवा पीढ़ी के भविष्य के सबसे बड़े शत्रु हैं। नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित करता है। यदि समाज का प्रत्येक नागरिक नशे के विरुद्ध जागरूक होकर आगे आए और युवाओं को सही दिशा प्रदान करे, तो नशामुक्त एवं सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने सभी नागरिकों से नशे के विरुद्ध जनजागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा नशे की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने की अपील की। साथ ही “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” के संबंध में रैली का भी आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम में एसडीओपी थांदला श्री राजेश सुलिया, थाना प्रभारी मेघनगर निरीक्षक दिनेश शर्मा एवं अन्य पुलिस अधिकारी कर्मचारी व प्रबुद्धजन उपस्थित हुए।

कार्यक्रमों के दौरान नागरिकों को /राष्ट्रीय नशामुक्ति हेल्पलाइन 14446/ की जानकारी भी दी गई तथा बताया गया कि नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या, उपचार, परामर्श एवं पुनर्वास संबंधी सहायता के लिए इस हेल्पलाइन का निःसंकोच उपयोग किया जा सकता है। पुलिस टीमों ने आमजन से अपील की कि नशे की समस्या को केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी मानते हुए प्रभावित व्यक्तियों को उपचार एवं पुनर्वास की मुख्यधारा से जोड़ने में सहयोग करें।

इसी क्रम में झाबुआ पुलिस की रक्षा सखी टीम, नशा मुक्ति जागरूकता रथ एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों, नशामुक्त जीवन के लाभ तथा समाज की सहभागिता के महत्व से अवगत कराया जा रहा है। जागरूकता रथ के माध्यम से ऑडियो-वीडियो संदेश, जनसंवाद एवं प्रेरणादायी संदेशों द्वारा अभियान को जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है।

जागरूकता कार्यक्रमों में बताया गया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि परिवार की खुशहाली, आर्थिक स्थिति, सामाजिक प्रतिष्ठा एवं युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाता है। नशे की प्रवृत्ति अपराधों में वृद्धि, पारिवारिक विघटन तथा सामाजिक असुरक्षा का प्रमुख कारण बनती है। इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों एवं युवाओं को नशे से दूर रहने, दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने तथा नशामुक्त झाबुआ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।

आज जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में कुल 23 जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 2730 नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को खेल, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार एवं अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया तथा समाज के प्रत्येक नागरिक से “नशे के विरुद्ध जनआंदोलन” का सक्रिय भागीदार बनने की अपील की गई।

झाबुआ पुलिस का “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान आगामी दिनों में भी जिलेभर में विभिन्न नवाचारों एवं जनसहभागिता के माध्यम से निरंतर जारी रहेगा, ताकि प्रत्येक नागरिक नशे के विरुद्ध जागरूक होकर स्वस्थ, सुरक्षित एवं समृद्ध समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।

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